महक कुमारी केस: ‘धर्म परिवर्तन की फैक्‍ट्री चला रही पाकिस्‍तान सरकार, गैर मुस्लिम बच्चियों के लिए नरक बनी जिंदगी’

 

By-शैलेश शुक्ला 

पाकिस्‍तानी मानवाधिकार कार्यकर्ता राहत जॉन ऑस्टिन ने बताया कि पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री इमरान खान मुस्लिम कट्टरपंथियों के आगे पूरी तरह से नतमस्‍तक हो चुके हैं। उन्‍होंने बताया क‍ि आजादी के बाद से चलाए जा रहे धर्म परिवर्तन के खेल से अल्‍पसंख्‍यकों की आबादी लगातार कम होती जा रही है।

 

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नई दिल्‍ली
पाकिस्‍तान को सेक्‍युलर देश बनाने का वादा करके भारत से अलग होने वाले ‘कायदे आजम’ मोहम्‍मद अली जिन्‍ना का देश अब आतंकवाद के साथ-साथ धर्म परिवर्तन की एक ‘फैक्‍ट्री’ में तब्‍दील हो चुका है। मुस्लिम कट्टरपंथियों की मदद से अल्‍पसंख्‍यक मुक्‍त पाकिस्‍तान बनाने का इरादा रखने वाली इस फैक्‍ट्री का संचालन खुद वहां की सरकार कर रही है जिसे पाकिस्‍तानी सेना का शह हासिल है। सिंध में रहने वाली 15 साल की हिंदू बच्‍ची महक कुमारी इस फैक्‍ट्री का ताजा शिकार हुई हैं। आइए जानते हैं कि आतंक की फैक्‍ट्री बने पाकिस्‍तान में कैसे चल रहा है धर्म परिवर्तन का नापाक खेल…

मुस्लिम बनाने के लिए चल रही ‘फैक्‍ट्री’
महक के साथ हो रहे अत्‍याचार के खिलाफ आवाज उठाने वाले पाकिस्‍तान में जन्‍मे मानवाधिकार कार्यकर्ता राहत जॉन ऑस्टिन ने नवभारत टाइम्‍स ऑनलाइन से महक चौधरी और अल्‍पसंख्‍यक बच्चियों के साथ हो रहे अत्‍याचार पर बात की। ऑस्टिन ने बताया कि पाकिस्‍तान में सभी लोगों को समा‍न अधिकार देकर ‘रियासत-ए-मदीना’ बनाने का वादा करने वाले प्रधानमंत्री इमरान खान मुस्लिम कट्टरपंथियों के आगे पूरी तरह से नतमस्‍तक हो चुके हैं। उन्‍होंने कहा कि महक चौधरी पाकिस्‍तान में वर्षों से अल्‍पसंख्‍यकों को मुस्लिम बनाने के लिए चल रही फैक्‍ट्री की सुनियोजित साजिश का ताजा शिकार हुई है।


पाकिस्‍तान के सिंध प्रांत के जकोकाबाद में रहने वाली नाबालिग हिंदू बच्‍ची महक चौधरी का मामला पूरी दुनिया में सुर्खियों में बना हुआ है। बताया जा रहा है कि गत 16 जनवरी को 28 साल के अली राजा सोलांगी ने 15 साल की मेहक चौधरी का उसके घर से अपहरण कर लिया और स्‍थानीय दरगाह में लेकर जाकर उन्‍हें जबरन इस्‍लाम धर्म कबूल कराया और फिर निकाह कर लिया। जिस दरिंदे अली राजा ने मासूम का अपहरण किया है, वह पहले से ही शादीशुदा है और उसके 4 बच्‍चे हैं। इस घटना के खिलाफ लंदन से लेकर दिल्‍ली तक में विरोध प्रदर्शन हुआ लेकिन इमरान सरकार के कान पर जूं तक नहीं रेंगी।

पिता के पास जाना चाहती थी महक, सुधार गृह भेजा
बता दें कि मंगलवार को कट्टरपंथी इस्लामिक संगठनों की ओर से जारी भारी विरोध-प्रदर्शन के बीच पाकिस्तान की एक अदालत ने महक चौधरी को दो साल के लिए बाल संरक्षण केंद्र में भेजने का आदेश दिया था। साथ ही कोर्ट ने स्थानीय पुलिस को उसके आरोपी मुस्लिम पति अली रजा सोलंगी के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया। महक अपने माता-पिता के पास जाना चाहती थी लेकिन अदालत ने उसकी एक नहीं सुनी। इस पूरे मामले पर ऑस्टिन कहते हैं कि महक चौधरी के साथ भी वहीं होने जा रहा है जो कुछ साल पहले एक अन्‍य हिंदू लड़की अंजली मेघवार के साथ हुआ था। ऑस्टिन ने कहा कि अंजली को दो साल के लिए शेल्‍टर होम भेज दिया गया था लेकिन दो साल बाद उसे फिर से पाकिस्‍तान की एक अदालत ने बलात्‍कारियों को ही सौंप दिया गया।



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शेल्‍टर होम से सप्‍लाइ की जा रही हैं लड़कियां
पाकिस्‍तानी मानवाधिकार कार्यकर्ता ने कहा कि यह शेल्‍टर होम नहीं बल्कि डिटेंशन सेंटर है ताकि बच्‍ची अपने मां-बाप से न मिल पाए। अब शेल्‍टर होम में कट्टरपंथी महक चौधरी को धमकाएंगे और मौलाना उसका ब्रेन वाश करेंगे। बच्‍ची को उसके परिवार से मिलने नहीं दिया जाएगा। यही नहीं जिस शेल्‍टर होम में महक को भेजा गया है वहां से लड़कियों को पाकिस्‍तान के रसूखदार लोगों को सप्‍लाइ की जाती हैं जो उनके साथ रेप करते हैं। इस तरह से शेल्‍टर होम में महक की जिंदगी और बदतर होने जा रही है। अब बच्‍ची के पास एक ही उपाय या तो वह इस्‍लाम को कबूल कर ले और अपने रेपिस्‍ट के साथ चली जाए या फिर मौत को गले लगा ले।

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म‍ियां म‍िट्ठू को प्रेरणा का स्रोत बताते हैं इमरान खान


मौलवी मिट्ठू मियां कराता है धर्म परिवर्तन
उन्‍होंने कहा क‍ि पाकिस्‍तान में धर्म परिवर्तन के इस खेल को बेहद सुनियोजित तरीके से पाकिस्‍तान सरकार चला रही है। पाकिस्‍तान सरकार कट्टरपंथियों को आर्थिक, कानूनी और प्रशासनिक मदद देती है। सिंध प्रांत में धर्म परिवर्तन और मासूम बच्चियों के निकाह की इस फैक्‍ट्री को मौलवी मिट्ठू मियां या पीर अब्दुल हक आका चलाता है जो घोटकी में भारचुंडी दरगाह में रहता है। पाकिस्तान के इस इलाके और इसके आस-पास के इलाकों में से अगर कोई भी लड़की इस्लाम कबूल करती है तो वह मिट्ठू मियां के पास पहुंच जाती है। मिट्ठू मियां बच्चियों का धर्म परिवर्तन कराता है और उनका निकाह करवा देता है।


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मिट्ठू म‍ियां के साथ सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा


मिट्ठू मियां पर इमरान और सेना का हाथ
ऑस्टिन कहते हैं कि मिट्ठू मियां के रसूख का अंजादा इस बात से लगाया जा सकता है कि पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री इमरान खान उसे अपना प्रेरणास्रोत बताते हैं। पाकिस्‍तान में सबसे शक्तिशाली कहे जानी वाली सेना के प्रमुख कमर जावेद बाजवा खुद उससे मिलने जाते हैं और उसे पैसे देते हैं। उन्‍होंने कहा कि धर्म परिवर्तन पाकिस्‍तान की सरकारी नीति का हिस्‍सा है। पाकिस्‍तान सरकार इन्‍हीं कट्टरपंथियों के जरिए धर्म परिवर्तन को बढ़ावा देती है। ये कट्टरपंथी अपनी निजी सेना रखते हैं। उन्‍होंने कहा कि जो लोग धर्म परिवर्तन नहीं करते हैं, उन्‍हें ईश निंदा कानून में फंसा दिया जाता है जिसकी सजा फांसी है।


अल्‍पसंख्‍यकों के लिए नरक बना पाकिस्‍तान
उन्‍होंने कहा कि पाकिस्‍तान अल्‍पसंख्‍यक लोगों के लिए नरक बन चुका है और इसकी शुरुआत आजादी के बाद से ही शुरू हो गई थी। ऑस्टिन ने बताया कि आजादी के समय वर्ष 1947 में पाकिस्‍तान की कुल आबादी का 23 प्रतिशत हिंदू, ईसाई, सिख जैसे अल्‍पसंख्‍यक थे। वर्ष 2017 की जनगणना के मुताबिक पाकिस्‍तान में अब 96.28% मुस्लिम हैं और मात्र 3.72% अल्‍पसंख्‍यक या गैर मुस्लिम हैं। ऑस्टिन ने कहते हैं कि पाकिस्‍तान में अल्‍पसंख्‍यकों के साथ हो रहे जुल्‍म और धर्म परिवर्तन फैक्‍ट्री का नतीजा है कि जहां मुस्लिमों की आबादी लगातार बढ़ती गई, वहीं हिंदू समेत गैर मुस्लिम कम होते चले गए। वर्ष 1951 की जनगणना के मुताबिक पाकिस्‍तान में 12.9 प्रतिशत हिंदू थे लेकिन अब हमारे देश में केवल 1.6 प्रतिशत हिंदू हैं। अल्‍पसंख्‍यकों की लगातार कम होती आबादी पाकिस्‍तान में उनकी स्थिति की भयावह तस्‍वीर पेश करती है।


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मिट्ठू म‍ियां जैसे कई ग‍िरोह पाकिस्‍तान में सक्रिय


दो तरीके से चलता है धर्म परिवर्तन का खेल
उन्‍होंने बताया कि धर्म परिवर्तन का यह खेल दो तरीके से चलता है। पहला-पाकिस्‍तान में गैर मुस्लिमों को बहुत हिकारत भरी नजरों से देखा जाता है और उन्‍हें सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक रूप से बाध्‍य कर दिया जाता है कि वे इस्‍लाम धर्म अपना लें। उनके खिलाफ जुल्‍म होता है जिसकी सुनवाई पुलिस या कोर्ट में भी नहीं होती है। पाकिस्‍तान में सरकारी सफाईकर्मी जैसे दोयम दर्जे के काम गैर मुस्लिमों से ही कराए जाते हैं। ऑस्टिन ने बताया कि धर्म परिवर्तन का दूसरा तरीका अल्‍पसंख्‍यक बच्चियों का जबरन अपहरण करके उन्‍हें पहले मुस्लिम बनाना और फिर निकाह करने का है। उन्‍होंने कहा कि वर्ष 1973 के संविधान के मुताबिक पाकिस्‍तान एक इस्‍लामिक देश है और यहां की सरकार और सेना मुस्लिम कट्टरपंथियों के साथ मिलकर पूरे देश को इस्‍लामिक देश में बदलने में लगे हुए हैं।


mehak kumari

महक कुमारी के समर्थन में प्रदर्शन करते पाकिस्‍तानी ह‍िंदू समुदाय के लोग

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